क्यों की गयी थी रूड़की में छावनी(BEG) की स्थापना by RoorkeeWeb

क्यों की गयी रूड़की में छावनी (Bengal Engineers Group) की स्थापना 

१८वीं सदीं में रूड़की सोलानी नदी के पश्चिमी तट पर बसा गांव था| तात्कालिक सहारनपुर जिले के पंवार(परमार) गुर्जरों (जो बड़गूजर कहलाते थे )की लंढौरा रियासत (पूर्व की झबरेड़ा रियासत)के अंर्तगत आता था| यह क्षेत्र गूजरों द्वारा शासित होने के कारण 1857 ई० तक " गुजरात(सहारनपुर)" कहलाता रहा , 1857 की क्रांति में गुर्जरो व रांघड़ो द्वारा किए गए भयंकर विद्रोहो व उपद्रवो के कारण अंग्रेजों ने 1857 की क्रांति के दमन के बाद गुर्जरों के प्रभाव को कम करने के लिए तमाम सरकारी दस्तावेजों व अभिलेखो में " सहारनपुर- गुर्जरात्र(गुजरात)" नाम पर प्रतिबंध लगा दिया गया और सिर्फ ' सहारनपुर' नाम दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए| (देखिए- सहारनपुर गजेटियर)

यह 1813 ई० में लंढौरा राज्य के राजा रामदयाल सिंह पंवार की मृत्यु के बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन आ गया| अंग्रेजों ने गुर्जरो की गंगा- यमुना के दोआब में लगातार बढ़ती जा रही ताकत को कमजोर करने व साथ ही रूहेलाओं ( नजीबाबाद क्षेत्र ) को अपने नियंत्रण में लाने के उद्देश्य से रूड़की गांव में छावनी की स्थापना की| जिसका उपयोग 1824 ई० में लंढौरा रियासत (गुजरात- सहारनपुर) के ताल्लुका व गुर्जर किले कुंजा बहादुरपुर के राजा विजय सिंह पंवार के नेतृत्व में लड़े गए पहले स्वतंत्रता संग्राम व 1857 ई० में सहारनपुर(गुजरात) के गुर्जरों व रांघडों द्वारा किये गए भयंकर विद्रोहो को कुचलने के लिए किया गया|

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